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रंजिशें तेरे-मेरे बीच की

रिश्तों के धागे

इक अधूरी सी दास्तां

जब दोस्त हो जुदा

एक एकांत ऐसा भी

रोशनी की ओर

कच्चे मन की उड़ान

रेलवे स्टेशन पर एक सुबह

जूनून से सफलता तक

व्हीलचेयर से आगे हौसले की उड़ान

हर कोई बाबा की शरण में...नेता से लेकर अभिनेता तक

बाबा के भक्तों... कुछ तो अक्ल लगाओ..

फ्रेंडशिप डे पर अर्ज किया है...

जियोफोन से 50 करोड़ उपभोक्ता बाज़ार पर रिलायंस की नज़र

सब चलता है... शराबबंदी भी और शराबखोरी भी...

आधुनिक समय में ज़िंदा हुई पुरातन परंपराएं...

ट्रेलर ऐसा है तो फिल्म कैसी होगी?

एक शाम चांदनी चौक की गलियों के नाम..